Dos monitos con ropa desgastada en una calle estrecha de la ciudad
Prompt
एक छोटे शहर की तंग गलियों में दो नन्हे बंदर के बच्चे, सोनू और मोनू, इंसानों के बीच रहते थे। दोनों के शरीर पर मैले और कटे-फटे शर्ट-पैंट थे, जैसे वे सड़क पर पलने वाले गरीब बच्चे हों। लोग उन्हें देखकर हैरान भी होते और दया भी करते। वे चुपचाप बच्चों के साथ बैठते, बचा हुआ खाना खाते और इंसानों की हरकतों की हूबहू नकल करते थे। रात होने पर दोनों एक पुराने चाय की दुकान के बाहर साथ सिमटकर सो जाते। धीरे-धीरे पूरा मोहल्ला उन्हें अपना मानने लगा।