Bandar
एक ठंडी सर्दियों की रात, कोहरा, चाय की दुकान, और टूटा हुआ दिल।
मुख्य किरदार किसी अपने का इंतज़ार कर रहा है, जो कभी सर्दियों में उसके साथ रहने की कसमें खाता था।
लेकिन उसी ठंड में उसे पता चलता है कि वही इंसान अब किसी और के साथ है।
सर्द हवा, जमी हुई उँगलियाँ, काँपता हुआ दिल और बेवफ़ाई की सच्चाई—
कहानी में सर्दी को सिर्फ़ मौसम नहीं, बल्कि जज़्बात की तरह दिखाया जाए।
अंत ऐसा हो कि पाठक को महसूस हो जाए कि
सर्दी शरीर को जमाती है, लेकिन बेवफ़ाई रूह को।