एक गाँव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसके पास छोटी-सी जमीन थी। वह रोज सुबह जल्दी उठकर खेत में मेहनत करता था। एक दिन उसे खेत में एक पुराना घड़ा मिला। घड़े में सोने के सिक्के थे। रामू बहुत खुश हुआ, लेकिन उसने सोचा कि यह धन उसका नहीं है। वह घड़ा लेकर गाँव के मुखिया के पास गया। मुखिया ने पूरे गाँव में घोषणा करवाई। कुछ दिनों बाद घड़े का असली मालिक मिल गया। वह बहुत खुश हुआ और रामू को इनाम देना चाहा। रामू ने कहा, “ईमानदारी से बड़ा कोई धन नहीं।” पूरे गाँव ने उसकी प्रशंसा की।