सन् 1940 का पुराना भारतीय रेलवे स्टेशन। प्लेटफॉर्म पर एक बच्चा चाय बेच रहा है। मैं वहाँ पहुँचता हूँ, उसकी चाय देखता हूँ और उससे कहता हूँ, “बच्चा, चाय अच्छी नहीं बनाते हो। अपना स्कूल में एडमिशन करवाओ और पढ़ाई करो।” इसके बाद मैं गुस्से में उसके कान के पास हल्की थपकी देकर कहता हूँ, “जाओ, यहाँ से निकलो और स्कूल जाकर पढ़ाई करो।” बच्चा हैरान होकर मेरी तरफ देखता है। पीछे भाप वाला पुराना इंजन, रेलवे का धुआँ, पुराने कपड़े और 1940 के भारत का माहौल। दृश्य ऐतिहासिक, सिनेमैटिक और यथार्थवादी हो।