ज़रूर 😊 यहाँ तेनाली रामा और बंदर की मज़ेदार कहानी है:
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🐒 तेनाली रामा और चालाक बंदर
एक बार विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय अपने दरबार में बैठे थे। तभी एक सैनिक ने आकर बताया कि राजमहल के बगीचे में एक बहुत शरारती बंदर आ गया है।
बंदर कभी पेड़ों से फल तोड़ता, कभी माली की बाल्टी लेकर भाग जाता और कभी महल की खिड़की से अंदर आकर सामान गिरा देता।
राजा ने कहा, “इसे पकड़कर महल से बाहर निकालो!”
लेकिन बंदर इतना चालाक था कि सैनिकों को बार-बार चकमा दे देता।
तभी तेनाली रामा मुस्कुराते हुए बोले, “महाराज, इसे पकड़ने के लिए ताकत नहीं, थोड़ी बुद्धि चाहिए।”
तेनाली ने एक टोकरी में कुछ केले रखे और उसके अंदर एक छोटा-सा आईना रख दिया। उन्होंने टोकरी को बगीचे में रख दिया।
बंदर ने केले देखे और तुरंत टोकरी के पास पहुँच गया। जैसे ही उसने आईने में अपना चेहरा देखा, वह डर गया। उसे लगा कि टोकरी में दूसरा बंदर बैठा है।
बंदर ने आईने को पकड़ने की कोशिश की और टोकरी में फँस गया। सैनिकों ने उसे आसानी से पकड़ लिया।
राजा कृष्णदेव राय हँस पड़े और बोले, “तेनाली, तुमने फिर अपनी बुद्धि से कमाल कर दिया!”
तेनाली ने कहा, “महाराज, बड़ी से बड़ी परेशानी का हल भी शांत दिमाग और समझदारी से निकाला जा सकता है।”
सीख:
👉 ताकत से ज्यादा महत्वपूर्ण बुद्धि और समझदारी होती है।