एक जंगली कबूतर और एक नदी के किनारे रहने वाला एक कछुआ अच्छे दोस्त थे। कबूतर आसमान में उड़ता था और कछुआ धीरे-धीरे चलता था। एक दिन, एक शिकारी ने जाल बिछाया और कबूतर उसमें फँस गया। कबूतर जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगा। कछुआ ने अपने तेज दाँतों से जाल काटना शुरू किया। थोड़ी देर में जाल कट गया और कबूतर आज़ाद हो गया। दोनों ने समझा कि सच्चा दोस्त वही होता है जो मुसीबत में काम आए।