एक आदमी के घर में दो प्यारे बंदर रहते थे।
उनके छोटे-छोटे बच्चे पूरे दिन खेलते रहते थे।
आदमी उन्हें प्यार से खाना खिलाता और उनकी देखभाल करता।
बंदर भी उसे अपने परिवार जैसा मानते थे।
बच्चे उछल-कूद करते, कभी आदमी के कंधे पर चढ़ जाते।
यह अनोखी दोस्ती सबको खुश कर देती थी।