एक समय की बात है। एक बूढ़ा आदमी था। वह रोज़ जंगल में लकड़ी लेने जाता था ताकि घर का चूल्हा जल सके। 🌳
लेकिन उस जंगल में एक शेर रहता था। 🦁
जब भी बूढ़ा जंगल में जाता, शेर की दहाड़ सुनाई देती। बूढ़ा डर जाता और बिना लकड़ी लिए ही वापस घर लौट आता।
एक दिन बूढ़े ने हिम्मत की। उसने सोचा, “अगर मैं डरता रहूँगा तो कभी लकड़ी नहीं ला पाऊँगा।”
वह धीरे-धीरे जंगल में गया और लकड़ी इकट्ठा करने लगा।
तभी शेर सामने आ गया। बूढ़ा बहुत डर गया, लेकिन उसने हाथ जोड़कर कहा, “शेर राजा, मैं गरीब बूढ़ा हूँ। मुझे सिर्फ अपने घर के लिए लकड़ी चाहिए।”
शेर को बूढ़े पर दया आ गई। उसने कहा, “डरो मत। तुम रोज़ यहाँ से लकड़ी ले सकते हो, मैं तुम्हें नुकसान नहीं पहुँचाऊँगा।”
उस दिन से बूढ़ा आराम से जंगल से लकड़ी लाने लगा और शेर भी उसका दोस्त बन गया। 😊
सीख: हिम्मत और सच्चाई से कई मुश्किलें आसान हो जाती हैं।