एक समय की बात है, एक बड़ा और गर्म रेगिस्तान था. यहाँ हर जगह सिर्फ रेत ही रेत थी, और धूप इतनी तेज़ थी कि लगता था जैसे सब कुछ जल जाएगा. इस रेगिस्तान में एक कुत्ता रहता था जिसका नाम था टॉमी और एक बिल्ली रहती थी जिसका नाम था किटी.
टॉमी बहुत वफादार था. वह घर की रखवाली करता था और अपने मालिक की मदद करता था. किटी थोड़ी चंचल थी. वह चूहे पकड़ती थी और अपने दोस्तों के साथ खेलती थी.
एक दिन, टॉमी और किटी ने सोचा कि उन्हें रेगिस्तान में बर्फ का घर बनाना चाहिए. उन्होंने एक बड़ी सी जगह चुनी जहाँ बहुत सारी बर्फ थी. वे दोनों मिलकर बर्फ को खोदने लगे और बड़े-बड़े गोले बनाने लगे.
टॉमी बहुत मेहनत कर रहा था. वह अपने पंजों से बर्फ को खोदता और फिर उसे अपनी नाक से दबाता. किटी भी बहुत मदद कर रही थी. वह बर्फ के गोलों को एक दूसरे के ऊपर रखती और फिर उन्हें पानी से गीला करती ताकि वे चिपक जाएँ.
तभी अचानक एक बड़ा सा रेगिस्तान का तूफान आ गया. तेज़ हवा चलने लगी और बर्फ उड़ने लगी. टॉमी और किटी घबरा गए. वे दोनों एक बर्फ के गोले के पीछे छिप गए.
रेगिस्तान के तूफान ने उनके बर्फ के घर को तहस-नहस कर दिया. टॉमी और किटी बहुत दुखी हुए. वे दोनों बैठकर रोने लगे.
तभी अचानक एक ऊँट आया. उसने टॉमी और किटी को देखा और पूछा कि वे क्यों रो रहे हैं. टॉमी और किटी ने उसे पूरी बात बताई.
ऊँट ने कहा, 'चिंता मत करो. मैं तुम्हारी मदद करूँगा.' ऊँट ने अपने कूबड़ में से बहुत सारा पानी निकाला और बर्फ पर छिड़का. पानी से बर्फ जम गई और एक बड़ा सा बर्फ का घर बन गया.
टॉमी और किटी बहुत खुश हुए. उन्होंने ऊँट को धन्यवाद दिया और अपने नए घर में रहने लगे. वे दोनों अब रेगिस्तान के बर्फ के घर में मज़े से रहने लगे. वे दोनों एक-दूसरे के साथ खेलते, सोते और खाते. वे दोनों बहुत खुश थे.