दिन राहुल के कमरे में एक छोटी सी छिपकली आई। राहुल उससे बहुत डरता था और उसे भगाने की कोशिश करने लगा। लेकिन छिपकली अपनी जगह से हिली तक नहीं, बस अपनी बड़ी-बड़ी आँखों से उसे देखती रही।तभी राहुल ने ध्यान दिया कि कमरे में मंडरा रहे सारे मच्छर गायब हो चुके थे। वह छिपकली चुपचाप दीवार पर बैठकर मच्छरों का शिकार कर रही थी और राहुल को डेंगू-मलेरिया से बचा रही थी।राहुल को अहसास हुआ कि हर जीव का इस प्रकृति में एक जरूरी काम है। उसने झाड़ू नीचे रख दी। अब वे दोनों एक ही कमरे में बिना किसी डर के, अच्छे दोस्तों की तरह साथ रहते हैं।